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सही फसल का चयन - अपने खेत के लिए सही फसल कैसे चुनें

अपनी भूमि के लिए सही फसल चुनना एक किसान का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है। गलत चुनाव से कम उपज, आर्थिक नुकसान और मिट्टी की खराबी हो सकती है।

अपनी मिट्टी की जांच करें - काली मिट्टी में कपास, गेहूं और सोयाबीन अच्छी होती है। लाल मिट्टी में मूंगफली, चावल और बाजरा उगाएं। जलोढ़ मिट्टी (Indo-Gangetic) में गेहूं, चावल और गन्ना बेहतरीन होता है।

सीजन के अनुसार फसल चुनें: खरीफ (जून–नवंबर) में धान, मक्का, कपास। रबी (नवंबर–अप्रैल) में गेहूं, सरसों, चना। जायद (अप्रैल–जून) में तरबूज, खीरा उगाएं।

  • e-NAM पोर्टल पर मंडी भाव देखें और बाजार की मांग के अनुसार फसल लगाएं।

  • कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में मुफ्त मिट्टी परीक्षण कराएं।

हर भारतीय किसान को पता होनी चाहिए ये आधुनिक खेती की तकनीकें

भारत की खेती तेजी से बदल रही है। आधुनिक तरीके अपनाने वाले किसान अधिक उत्पादन, कम खर्च और बेहतर गुणवत्ता पा सकते हैं।

  • प्रिसीजन एग्रीकल्चर: GPS और सेंसर से मिट्टी, पानी और फसल की निगरानी करें। ड्रोन से छिड़काव 30% तक कीटनाशक बचाता है।

  • जीरो टिलेज (बिना जुताई की खेती): बीज सीधे बोएं, ईंधन और मजदूरी बचाएं। पंजाब और हरियाणा में धान के बाद गेहूं के लिए बेहद उपयोगी।

  • पॉलीहाउस खेती: पूरे साल सब्जियां, फूल और फल उगाएं। खुले खेत से 3–5 गुना ज्यादा कमाई होती है।

  • एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS): एक ही खेत में फसल, पशुपालन, मछलीपालन और बागवानी को मिलाएं।

अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जाएं और इन तकनीकों का प्रदर्शन देखें।

कीट और रोग नियंत्रण - अपनी फसल को सुरक्षित रखें

भारत में हर साल 15–25% कृषि उत्पादन कीटों और बीमारियों से नष्ट हो जाता है। सही समय पर पहचान और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) इसका सबसे प्रभावी समाधान है।

  • फॉल आर्मीवर्म: मक्के और बाजरे को नुकसान पहुंचाता है। पत्तियों और तनों पर छेद देखें।

  • ब्राउन प्लांट हॉपर: धान में 'हॉपरबर्न' (अचानक पीलापन) करता है।

  • सफेद मक्खी (Whitefly): कपास, टमाटर और मिर्च में वायरस फैलाती है।

IPM के उपाय: जैविक नियंत्रण में लेडीबग और परजीवी ततैया का उपयोग करें। फसल चक्र और गहरी जुताई से कीटों की संख्या कम होती है। फेरोमोन ट्रैप लगाएं। कीटनाशक का उपयोग अंतिम उपाय के रूप में करें और सही मात्रा में करें।

किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर कभी भी मुफ्त सलाह लें - यह 24 घंटे, 7 दिन उपलब्ध है।

मौसम के अनुसार खेती - मानसून को ध्यान में रखकर खेती कैसे करें

भारत की खेती मानसून पर निर्भर है, लेकिन बदलते मौसम ने खेती को अनिश्चित बना दिया है। सही योजना और तकनीक से इस जोखिम को कम किया जा सकता है।

  • मेघदूत ऐप (IMD): क्षेत्रीय भाषाओं में मौसम और कृषि सलाह मिलती है।

  • किसान सुविधा ऐप: मौसम, मंडी भाव और फसल सलाह एक जगह।

  • दामिनी ऐप: बिजली गिरने की रियल-टाइम चेतावनी - खेत में काम करते समय जरूरी।

सूखे से बचाव: मल्चिंग (पुआल बिछाना) से नमी बनी रहती है। खेत तालाब बनाएं। बाजरा, जोवार, मोठ जैसी कम पानी की फसलें उगाएं।

बाढ़ प्रबंधन: उठी हुई क्यारी पर बुआई करें। Swarna Sub1 धान की किस्म 2 सप्ताह तक जलभराव सहन कर सकती है।

PM फसल बीमा योजना (PMFBY) में सीजन शुरू होने से पहले नामांकन कराएं।

Citrus Fruits

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